Welcome to our websiteMr. LITTIWALLA

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LITTIWALLA

"MR. LITTIWALLA" is a symbol quality & trust with a team of qualified & experienced professionals from version one of hospitality and food processing industry. The brand is commited to reinforce our business needs by providing a brand name and all the strategic support necessary for the business success. Mr. littiwalla was a dream of mr. Devendra kumar singh(Founder of mr. littiwalla) which came in existance because of missing the traditional fopod of his hometown LITTI CHOKHA . Litti chokha is a traditional food of Bihar, which is served along with the Sarson ki chatni & Salad, which is as popular in Bihar as chhole Bhature in Punjab, Dal Baati in Rajsthan & Vada pao in Mumbai. Read more

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लिट्टी चोखा बिहार झारखन्ड में खायी जाने वाली पारम्परिक स्वादिष्ट डिश हैं इसे आप लन्च, डिनर या छुट्टी के दिन खाइये

Fresh vegetables

We have been used safe, nutritious, and high quality fresh-cut fruit and vegetable.

TESTIMONIALS

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- Susanna Davis -

" Good authentic food, decent prices, can deliver. Good staff "

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- Peter Corbett -

" For the first time had a good experience with a Restaurant in that area Laxmi Nagar.Staff is helpful & considered my request "

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- William Smith -

" If u love Indian food. U should chck out Mr. Littiwalla, I been there n it was a great deal n the food is very POWER!! "

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बिहार के विश्वप्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा खाने से ठीक होता है यह बिमारी

May 12, 2016 byAdmin 3 comment

बिहार का लिट्टी चोखा अपने लाजवाब स्वाद के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है तो इसके दिवाने आम आदमी से लेकर वीआईपी लोग तक हैं ।

लिट्टी चोखा के स्वाद के बारे में तो सब जानते हैं मगर कम ही लोग शायद इसके खाने से होने वाले फायदे को जानतें होंगे ।

यू तो लिट्टी चोखा खाने के कई फायदे हैं मगर बिहार कूे प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा को खाने से एक बड़ी बीमारी भी ठीक होती है।

जी हाँ , लिट्टी-चोखा खाने से डायबिटीज की बीमारी ठीक होती है। यह दावा है पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के अल्यूमनी और दिल्ली के डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. नरेन्द्र विन्नी गुप्ता का।

डॉ. विन्नी ने यह बात बीते दिन पटना में आयोजित डॉ. गया प्रसाद मेमोरियल व्याख्यान में कही। उन्होंने बताया कि लिट्टी खाने से इन्सुलिन रेसिस्टेन्ट मरीजों में हार्मोन डिजॉर्डर के नियंत्रण में उल्लेखनीय मदद मिलती है। लिट्टी में भुने हुए चने का सत्तू होता है, जो इन्सुलिन रेसिस्टेन्ट प्रॉब्लम को नियंत्रित करने में काफी मदद करता है।

डॉ. विन्नी ने बताया कि सत्तू से बनी लिट्टी को खाने से शूगर लेवल नियंत्रित रहता है। ऐसे मरीजों को इन्सुलिन नियंत्रित करने के लिए सामान्यत: तीन महीने की दवा दी जाती है।

मेटाबॉलिज्म के तहत इन्सुलिन ही ब्लड में मौजूद शूगर को पचाता है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज से काफी पहले इन्सुलिन रेसिस्टेन्स की शुरूआत होती है। दरअसल, यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण होता है।

तो अब लिट्टी-चोखा और मजें से खाइए और दुसरे लोगों को भी खिलाइए ।

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